सरधना: दुकानों के रिनुवल को लेकर पालिका सख्त, ईओ ने किरायेदारों का प्रस्ताव ठुकराया
– अधिशासी अधिकारी का दावा आवंटित दुकानों के नाम पर ही होगा रिनुवल
– गत दिनों पहले पालिका ने दुकान की सील तोड़ने वाले पर की थी बड़ी कार्रवाई
सरधना। नगर पालिका ने गत दिनों पहले गणेश मार्किट में स्थित 11 नपा की दुकानों पर सील की कार्रवाई की थी। उसके अगले ही दिन एक दुकानदार ने दुकान की सील तोड़ दी थी और पालिका अधिकारी व कर्मचारियों से अभद्रता का मामला प्रकाश में आया था। जिस पर पुलिस ने एक किरायेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शुक्रवार को कुछ किरायेदार पालिका पहुंचे और दुकानों के रिनुवल करने की मांग की। लेकिन, ईओ ने विधि के तहत अनुबंध का हवाला दिया और उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
इसी के साथ कई किरायेदार व अनुबंध दुकानदार अधिशासी अधिकारी से मिलने भी पहुंचे। जहां अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। अधिकारी से मिलने के बाद दुकान वापस लौट गए है।
बता दें कि तहसील रोड से मोहल्ला भाटवाड़ मार्ग पर गणेश मार्किट में पालिका की करीब 21 दुकाने है। जिसमें से ज्यादातर अनुबंध दुकानदारों ने दुकान को बेच दिया तो कुछ ने किराये पर चला दी है। इस पर पालिका विधि के नियमों को उलंघन करने वाले दुकानदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की और दुकान को सील कर दिया था। हालंकि , एक दुकानदार ने दुकान की सील तोड़ दी थी। इतना ही नहीं पालिका टीम से अभद्र व्यवहार भी किया था व टीम के साथ मारपीट का मामला भी प्रकाश में आया था। जिसके चलते अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी ने टीम की शिकायत पर किरायेदार के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने व टीम के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।तब से लेकर आज तक दुकानों पर सील लगी हुई है। जबकि बिना अनुबंध वाले दुकानदारों पर पालिका काफी सख्त नजर आ रही है। जहां उन्होंने विधि के नियमानुसार आवंटित दुकान के मालिकों के नाम पर रिनुवल करने का दावा किया है। साथ ही किरायेदारों के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।
दुकानों के रिनुवल न होने से पालिका का लाखों रुपए का टैक्स बकाया
पालिका का दावा हैै कि केवल विधि व नियमों के अनुसार ही दुकानों को आवंटित किया गया था। जिसका रिनुवल भी विधि के तहत होगा। जबकि, कुछ दुकानदारों पर सालो से टैक्स का बकाया चला आ रहा है, उन्हेें भी लीगल नोटिस भेजकर सूचना दी जा चुकी है। लेकिन, कुछ लोग अभी भी अपने बकाये को जमा नहीं करा रहे है। इसके चलते पालिका ने बकाये टैक्स का डाटा तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है।
पालिका द्वारा अन्य दुकानदारों पर भी हो सकती है बड़ी कार्रवाई
पालिका अधिकारी कई वर्षो से लंबित पालिका के टैक्स को जमा न करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल, पालिका अधिकारियों ने इस स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। उनका कहना है कुछ किरायेदार दुकानों के रिनुवल के लिए आए थे। लेकिन, पालिका केवल उनी दुकानदारों के नाम पर रिनुवल करेगी जिनके नाम पर दुकान अनुबंध है। बाकि के नाम पर कोई रिनुवल नहीं किया जाएगा।



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