बहसूमा के बाल्मीकि बुजुर्ग ने शिवलिंग पर दूध चढ़ाया, हुई पिटाई
- शिवलिंग पर दूध चढ़ाना पड़ा भारी
- वाल्मीकि समाज के लोगों के साथ अन्याय
- बुजुर्ग की पीट पीटकर पसलियां तोड़ी
- गुर्जर समाज ने किया विरोध
- बहसूमा थाना क्षेत्र का मामला
वाल्मीकि समाज में पैदा होना क्या जुर्म है। क्या वाल्मीकि समाज को इंसाफ नहीं मिलता? अस्पताल तक में भर्ती नही कराया जाता। शायद शिवलिंग पर दूध भी नही चढ़ाने दिया जाता? कुछ ऐसा ही हुआ बहसूमा थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर घोरिया में रहने वाले एक बुजुर्ग चंद किरण के साथ। जब वो शिवलिंग पर दूध चढ़ाने गए तो दूसरे समाज के लोगों ने बुजुर्ग और उनके बच्चों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। झगड़े में गरीब बुजुर्ग की पसली की दो हड्डी टूट गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें जिला अस्पताल में भी उपचार नहीं मिला। घटना के बाद जब पीड़ित परिवार मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने उनको इंसाफ दिलाने के बजाय परिवार पर दबाव बनाकर तहरीर बदलवा दी। थाने स्तर से कार्यवाही नहीं होने पर परिवार ने अधिकारियों से शिकायत की।



2 Comments
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