मेरठ नगर निगम का ‘हाईटेक’ कारनामा: करोड़ों की सफाई गाड़ियों के पीछे उड़ रहा धूल का गुबार, सांस लेना हुआ दूभर
मेरठ: मेरठ में नगर निगम की कार्यप्रणाली और उसकी वीआईपी सफाई व्यवस्था को आप जानते ही है। शहर के डिवाइडरों के किनारे जमा होने वाली धूल को साफ करने के लिए नगर निगम ने लाखों-करोड़ों की लागत से विशेष मैकेनाइज्ड स्वीपिंग गाड़ियों का इंतजाम किया है। दावों के मुताबिक इन गाड़ियों को शहर को चमकाने और प्रदूषण मुक्त करने के लिए लाया गया था, लेकिन धरातल पर हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
जब ये हाईटेक गाड़ियाँ मेरठ की सड़कों और डिवाइडर रोड पर सफाई करने उतरती हैं, तो उनके पीछे धूल का एक भयानक गुबार भी साथ-साथ चलता है। गाड़ी सड़क से धूल साफ करने के बजाय उसे हवा में उड़ाकर चारों तरफ फैला रही है, जिससे सड़क पर चलने वाले राहगीरों और वाहन चालकों का दम घुटने लगा है। इस नजारे को देखकर जनता के लिए यह कहना मुश्किल हो गया है कि ये गाड़ियां वाकई शहर में सफाई कर रही हैं या सरेआम एयर पॉल्यूशन बढ़ाकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही हैं।अब स्थानीय जनता और सामाजिक संगठन सीधे तौर पर नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं।
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि करोड़ों रुपये की भारी-भरकम कीमत से खरीदी गई ये सफाई गाड़ियाँ क्या वाकई शहर को कोई जमीनी लाभ दे रही हैं, या फिर इन्हें सिर्फ कागजों पर विकास दिखाने और सड़कों पर शोकेस करने के लिए लाया गया है। जनता ने इस मामले में उच्च अधिकारियों से जांच करने और बिना वाटर स्प्रिंकलर (पानी के छिड़काव) के सूखी धूल उड़ाने वाली इन गाड़ियों के संचालन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।
