अयोध्या राम मंदिर गबन कांड: राम तेरी नगरी में 200 करोड़ का महाघोटाला, जांच में जुटी एसआईटी
अयोध्या राष्ट्रीय

अयोध्या राम मंदिर गबन कांड: राम तेरी नगरी में 200 करोड़ का महाघोटाला, जांच में जुटी एसआईटी

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न्यूज डेस्क: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में करोड़ों रुपये के दान घोटाले का एक बड़ा मामला सामने आया है। मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे और दान राशि में करीब 200 करोड़ रुपये के गबन की आशंका जताई जा रही है। इस वित्तीय अनियमितता के सामने आते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन कर दिया है।

जांच में हुए हैरान कर देने वाले खुलासे

अब तक की जांच में कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। मंदिर परिसर के दान-पात्रों से नकदी गिनने वाले कर्मचारियों के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान 10 से 12 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई है, जिसके बाद दो संदिग्ध कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज 18,000 से 20,000 रुपये प्रति माह वेतन पाने वाले इन कर्मचारियों ने हाल ही में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की जमीन और 40 लाख रुपये का आलीशान फ्लैट जैसी कीमती संपत्तियां खरीदी हैं। इस पूरे गबन को छुपाने के लिए सबूतों के साथ छेड़छाड़ की बात भी सामने आ रही है।

कई महीनों के सीसीटीवी फुटेज डिलीट

जांच एजेंसी को पता चला है कि जहां कैश की गिनती की जाती थी, उस टेबल पर नजर रखने वाले कई महीनों के सीसीटीवी फुटेज पूरी तरह से डिलीट कर दिए गए हैं। जहां सीसीटीवी फुटेज एक महत्वपूर्ण सबूत माना जाता लेकिन उसका यूं डिलीट किए जाना एक बड़े घोटाले का संदेश दे रहा है। इस बड़ी धांधली को लेकर अब देश में राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं।

अखिलेश यादव ने कसा तंज

वहीं सपा प्रमुख ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, आगे-आगे देखिए होता है क्या चढ़ावे से बात चंदे तक पहुंची, चंदे से जमीन तक और जमीन से अति बहुमूल्य अरबों रुपये की श्रीराम शिलाओं के गायब होने तक। भाजपाइयों के अनरजिस्टर्ड-अंडरग्राउंड संगी-साथियों की केवाईसी करवाई जाए।अयोध्या के इस महापाप-महाघोटाले के पीछे कौन-सा सनातन विरोधी गिरोह काम कर रहा है, इसकी गहरी पड़ताल हो।

फिलहाल एसआईटी की टीम मंदिर के वित्तीय रिकॉर्ड्स और बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस महाघोटाले के असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।