नरेंद्र मोदी कभी भी SEBI और अडानी पर अपना मुंह नहीं खोल सकते।
इस देश की मार्केट रेगुलेटर पर गंभीर आरोप लगे हैं, इस मंच से उनके Conflict of Interest का पर्दाफाश किया गया है। लेकिन, नरेंद्र मोदी उन्हें पद से नहीं हटा रहे। अगर हटा दिया तो उनके भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुलती जाएंगी। वहीं, अडानी के ऊपर भी गंभीर आरोप लग रहे हैं, लेकिन मोदी उन्हें गले लगाकर घूमते हैं। नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरे ही अडानी को धंधा दिलाने के लिए किए जाते हैं।

