दहेज के लालची पति ने ली थी गर्भवती महिला की जान, लंबे समय बाद मिला इंसाफ
सरधना: कस्बा के मोहल्ला बुढ़ा बाबू निवासी महेंद्र ने अपनी पु़़त्री कोमल की शादी 24 फरवरी 2018 में पंकज पु़त्र राजपाल निवासी ग्राम रुहासा के साथ की थी। लेकिन, सुरालवालों ने दहेज की मांग पुरी न होने पर लंबे से विवाहिता को प्रताड़ित कर मारपीट कर रहे थे। जब विवाहिता ने इसका विरोध किया तो आरोपित पति पंकज ने पांच माह की गर्भवती विवाहिता को मौत के घाट उतार दिया।
वादी के अधिवक्ता डा0 रविंद्र सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पांच साल पहले 28 मार्च 2019 की रात को पांच माह की गर्भवती विवाहिता कोमल को अकेला पाकर उसके आरोपित पति ने चुन्नी से फंदे पर लटका दिया था। जिसके चलते विवाहिता की मौत हो गई थी। जिसका मुकदमा अधिवक्त द्वारा मेरठ के न्यायालय अपर सत्र न्यायधीश/विशेष सत्र न्यायधीश पाक्सों अधिनियम न्यायालय संख्या 2 में पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए न्यायालय में पीड़ित परिवार का पक्ष मजबूती से रखा। वहीं सुनवाई के दौरान न्यायधीश द्वारा बीते 27 फरवरी 2023 को सुनवाई के दौरान अपना फैंसला सुनाया और अभियुक्त पित पंकज को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं, अभियुक्त के पिता राजपाल के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिलने पर न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया।

इस पर पीड़ित परिवार बोलें कि न्यायालय में सच की जीत हुई है, और हमारी बेटी को इंसाफ मिला। अधिवक्ता द्वारा पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने व न्यायालय में वादी का पक्ष मजबूती से रखने पर कस्बा के विख्यात चिकित्सक बाल रोग विशेषज्ञ डा0 महेश सोम समेत अधिवक्ता जितेंद्र पांचाल, शबाना मलिक, नितिन चांदना आदि अधिवक्ताओं ने उन्हें पहले सफलता मिलने पर बधाई दी है।



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