कब्र से बाहर निकाला विवाहिता का शव, पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा
- 8 मार्च की घटना, स्वजन ने हत्या की आशंका जताते हुए थाने में दी थी तहरीर
- बुधवार को तहसील अधिकारी व पुलिस की मौजूदगी में कब्र से शिव को निकाला
सरधना, बीती 8 मार्च को उनकी बेटी मुस्कान की बॉडी उसकी ससुराल में बाथरूम की चौखट पर दुप्पटे से फंदे पर लटका मिला थी। जब मायके वालों को इस घटना के बारे में पता चला तो इससे पहले आरोपित ससुरालवालों ने आनन फानन में विवाहिता की बॉडी को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। इसके चलते पीड़ित पिता ने ससुराल वालो के खिलाफ नामदज तहरीर दी। बुधवार को एसडीएम के आदेश पर शव को कब्र से उखाड़ा गया और बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मेरठ रोड स्थित कब्रिस्थान में मौजूद विवाहिता के रिश्तेदारों ने बताया कि कस्बा के मोहल्ला कमरानवाबान निवासी पीड़ित नवाब ने अपनी बेटी मुस्कान का निकाह मोहल्ला शेखान निवासी सलमान पु़त्र जफर के साथ किया था। आरोपित ससुरालवाले विवाहिता को मामूली कहासूनी पर प्रतांड़ित करते आ रहे थे। इस बीच 8 मार्च को विवाहिता की बॉडी बाथरूम की चौखट पर दुप्पटे से फंदे पर लटकी मिली थी। जिसकी जानकारी ससुरालवालों ने मायके वालो को दी थी। जब मायके वाले विवाहिता के घर पहुंचे तो देखा कि उनका बॉडी बाथरूम की चौखट पर फंदे पर लटकी हुई है। ऊंचाई अधिक न होने पर मायके वालों को शक हुआ। इससे पहले स्वजन कुछ समझ पाते इससे पहले ससुरालवालों ने बॉडी को आनन फानन में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया था। इस दौरान मौके पर काफी भीड़ मौजूद रही।
हत्या की आशंका होने पर स्वजन थाने पहुंचे और ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर हंगामा कर आरोपितों के खिलाफ तहरीर दी। स्वजनों की तहरीर पर मामले की जांच सीओ बृजेश सिंह कर रहे है। बुधवार को एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर के आदेश पर नायब तहसीलदार गौरव कुमार व कानूनगो राकेश कुमार समेत पुलिस चौकी प्रभारी धीरेंद्र उपाध्याय के साथ मृतिका की कब्र को उखाड़ा के लिए कब्रिस्तान पहुंचे और बाडी को उखाड़ कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी रमाकान्त पचौरी ने बताया कि मामले की जांच सीओ कर रहे है। स्वजनों की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
कब्रिस्तान में पिता के नहीं थमे आंशू जब विवाहिता के शव को कब्र से निकाला जा रहा था तो इस बीच पिता नवाब व अन्य रिश्तेदारों की आखों से आशू रूकने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्हें देख उनके रिश्तेदार भी रोने से नहीं रोक पाए।



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