यूपी में 4 व 11 मई को होंगे निकाय चुनाव, अधिसूचना जारी, आचार संहिता लागू
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यूपी में 4 व 11 मई को होंगे निकाय चुनाव, अधिसूचना जारी, आचार संहिता लागू

Apr 9, 2023
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मेरठ में दूसरे चरण 11 मई को होगा चुनाव 

13 मई को चुनाव नतीजे होंगे घोषित

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव की तारीखों का राज्य निर्वाचन आयोग ने आज ऐलान कर दिया है। यूपी में चार व 11 मई चुनाव होगा जबकि 13 मई को परिणाम घोषित कर दिये जायेंगे।  इससे पहले निकाय चुनाव आरक्षण की नई लिस्ट जारी हुई। 232 आपत्तियों के निस्तारण के बाद यह अधिसूचना जारी की गई। इसके साथ ही आचार संहिता लागू कर दी गई है।

लखनऊ में राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने जानकारी दी कि नगर निगम के चुनाव ईवीएम से होंगे जबकि नगर पंचायत का चुनाव मतपेटिका से कराया जाएगा। यूपी में कुल 760 निकाय हैं। इसमें 17 नगर निगम, 199 नगर पालिका और 544 नगर पंचायत हैं। प्रदेश के 760 नगरीय निकाय में 14,684 पदों पर चुनाव होगा। 17 महापौर, 1420 पार्षद के चुनाव EVM से होंगे, बाकी पदों पर बैलट पेपर से मतदान होगा। नगर पालिका परिषद के 199 अध्यक्ष तथा 5327 सदस्यों का मतपत्रों से निर्वाचन होगा। नगर पंचायत के 544 अध्यक्ष तथा 7178 सदस्यों का निर्वाचन मतपत्रों से होगा। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस लगाई जाएगी।

पहले चरण के चुनाव 4 मई को इन जिलों में होंगे

शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, झांसी, जालौन, ललितपुर, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, उन्नाव, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुरखीरी, गोण्डा, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोरखपुर देवरिया, महाराजगंज, कुशीनगर, गाजीपुर, वाराणसी, चंदौली व जौनपुर।

दूसरे चरण में 11 मई को यहां होंगे चुनाव
मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, हाथरस, कासगंज, एटा, अलीगढ़, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, औरैया, हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, बांदा, अयोध्या, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अममेठी, बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, सोनभद्र, भदोही व मीरजापुर।

बता दें कि यूपी सरकार को बीते 27 दिसंबर को हाईकोर्ट के आदेश से झटका लगा था। कोर्ट ने राज्य सरकार की उस ओबीसी सूची को खारिज कर दिया था जिसके आधार पर निकाय चुनाव कराने की तैयारी की गई थी। हाईकोर्ट ने साफ कहा था कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन नहीं किया और उसके बिना ही चुनाव की घोषणा की गई। तब कोर्ट ने सरकार को ये भी कहा था कि वो बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवा सकती है। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

बीते 28 दिसंबर 2022 को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले को सुप्रीम कोर्ट में मेंशन करते हुए कहा कि डीलिमिटेशन की प्रक्रिया चल रही है। सरकार ने ओबीसी आयोग का गठन कर दिया है। स्थानीय निकाय चुनाव अब आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही कराया जाएगा। इसके बाद रिटायर्ड जस्टिस राम अवतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। सदस्यों में चौब सिंह वर्मा, महेंद्र कुमार, संतोष विश्वकर्मा और ब्रजेश सोनी को शामिल किया गया। ये आयोग राज्यपाल की सहमति से 6 महीने के लिए गठित किया गया था। आयोग को रिपोर्ट सबमिट करने के लिए छह महीने का समय दिया गया था।

31 दिसंबर को आयोग ने पहली कॉन्फ्रेंस करते हुए  कहा था कि यह लंबा काम है और रिपोर्ट तैयार होने में 31 मार्च का समय लग सकता है। इस टीम ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 75 जिलों का दौरा किया। हालांकि बीच में आयोग का यह बयान सामने आया था कि रिपोर्ट फरवरी के अंत तक तैयार हो जाएगी। आयोग ने अब सीएम योगी को रिपोर्ट दे दी है।

दरअसल,  लखनऊ नगर निगम, कानपुर नगर निगम समेत तमाम नगर निकायों का कार्यकाल खत्म हो गया। 2023 में होने वाले नगर निकाय चुनाव में 17 नगर निगम, 200 नगरपालिका परिषद और 517 नगर पंचायत में चुनाव कराया जाना है।

जबकि 2017 में 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायत में चुनाव हुआ था। ऐसे में म्यूनिसिपल इलेक्शन को लेकर सरगर्मी फिर बढ़ती नजर आ रही है। सपा के रुख से ऐसी आशंका भी है कि कहीं आरक्षण सूची जारी होने के बाद ये मामला दोबारा अदालत न पहुंच जाए।

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