मेरठ: ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसान, नहीं खोला कमिश्नरी कार्यालय का गेट, प्रदर्शन
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मेरठ: ज्ञापन सौंपने पहुंचे किसान, नहीं खोला कमिश्नरी कार्यालय का गेट, प्रदर्शन

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भाकियू की कमिश्नरी पार्क मे चल रही मासिक पंचायत की समाप्ति के बाद किसान ज्ञाापन सौंपने कमिश्नरी कार्यलय पहुंचे। जहां उनके लिये कार्यालय का गेट ही नहीं खुला। आक्रोशित किसान वहीं पर धरना देकर बैठ गये। इतना ही नहीं कमिश्नरी ऑफिस के गेट पर चढ़ गये और प्रदर्शन पर उतर आये।

दरअसल, किसान गन्ना भुगतान, गन्ना मूल्य में वृद्धि व आवारा पशुओं से हो रही हानि जैसी समस्याओं को लेकर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। इसके अलावा बारिश व ओलावृत्ति से हुए फसलों के नुकसान पर मुआवज़े की मांग व मार्च में बिजली के पेनल्टी बिलों पर दी जाने वाली छूट की भी मांग किसानों ने की है।

मेरठ मंडल अध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने बताया कि हमारा प्रदर्शन करने का इरादा नहीं था। यहां पर हर महीने किसानों की पंचायत होती है। जिसमें 6 जिलों के किसान हिस्सा लेते हैं। आज हमें अपनी कुछ समस्याओं को लेकर कमिश्नर कों ज्ञापन सौंपना था। यदि वह उपस्थित नहीं थी तो अपने किसी असिसटेंस को ज्ञापन लेने बाहर भेजती। लेकिन यहां ऐसा कुछ नही हुआ न तो यहां कोई हमसे मिलने आया न ही कमिश्नरी कार्यालय का गेट खोला गया। आगे कहा कि इन रवैयों को देखने पर जाहिर होता है कि यह शासन और प्रशासन की तानाशाही है।

किसानों का कहना है कि उन्हे गन्ने का पेंमेंट नही किया जा रहा, बारिश और ओलावृत्ती से उनकी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जिसपर सरकार ने अभी तक उन्हे मुआवज़ा देने का जिक्र नहीं किया। हर साल मार्च में बिजली के पेनल्टी बिलों पर किसानों को छूट दी जाती है। जो इस बार नहीं दी गई इसे जल्द से जल्द लागू किया जाये।

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