भाजपा क्षेत्रीय कार्यालय से सटी अवैध कालोनी की दीवारे एमडीए ने गिराईं
मेरठ विकास प्राधिकरण के अभियंताओं की मिलीभगत और संरक्षण में बड़े पैमाने पर मेरठ में अवैध कॉलोनियां बना कर शासन के नियमों व राजस्व को भारी चूना लगा दिया गया। ड्रोन से सर्वे कराया गया तो यह कारगुजारी भी सार्वजनिक हो गयी। 366 कालोनियां ऐसी पाई गईं जिन्हें बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अवैध रूप से खड़ा कर दिया गया था। इसके चलते भले ही प्राधिकरण की आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो गई हो लेकिन अभियंता मालामाल हो गये हैं। ऐसी ही कागजी कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए आज हरमन सिटी में बिना मानचित्र स्वीकृत कराये अवैध रूप से बनाई गई कॉलोनियों की दीवारें औपचारिक रूप से गिरा दी गई। हरमन सिटी में ही सत्तारूढ़ राजनीतिक पार्टी भाजपा का क्षेत्रीय कार्यालय भी है। अवैध कालोनी बनाकर शहर के नियोजित विकास को धत्ता बताने के छींटे भाजपा महानगर के एक पदाधिकारी के दामन पर भी गिरे हैं।
फिलहाल बात करते हैं मेरठ विकास प्राधिकरण के अभियंताओं, अफसरों व स्टाफ की। प्राधिकरण के तमाम ऐसे अभियंता हैं जिनकी नौकरी ज्वाइन करने से पहले माली हालत ठीक नहीं थी लेकिन आज सेवानिवृत्ति के बाद उनके आम के कई बाग, बड़े बड़े काम्पलेक्स उभर कर सामने आ गये हैं। ऐसे ही एक पीआरओ/मीडिया प्रभारी का तीन सितारा होटल इस बात की गवाही दे रहा है कि आय से अधिक संपत्ति कैसे कमाई जाती है। इन लोगों के पास ये अकूत चल और अचल संपत्ति कहां से आई यह भी गहन जांच का विषय है।उधर, आज प्राधिकरण की टीम ने हरमन सिटी के भीतर बनी अवैध कालोनियों की दीवारों को बुलडोजर से गिरा दिया। यह अवैध निर्माण तेजपाल विहार निवासी अतुल गुप्ता व शेर सिंह द्वारा किया गया है। इस निर्माण में राकेश सैनी का नाम भी शामिल हैं।


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