महापौर हरिकांत व नगर आयुक्त सौरभ की फौज आमने सामने,नगर निगम में तालाबंदी
- व्यक्तिगत टिप्पणी से नाराज नगर आयुक्त ने सदन छोड़ा
- गौशाला के चारा घोटाले में हुई थी निगम की छीछालेदर
- नगर आयुक्त व महापौर के बीच तनातनी चरम पर
- बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त पर भाजपा पार्षदों का सीधा निशाना
- विकास कार्य व सफाई व्यवस्था पूर्णत ठप हो गयी-उत्तम
- सौरभ गंगवार ने सदन व आईएएस की गरिमा आर्शिवाद लेकर तार तार की-उत्तम
- नगर आयुक्त के पक्ष में आये कर्मचारी, की तालाबंदी
नगर निगम बोर्ड बैठक में आज जमकर हंगामा हुआ। भाजपा पार्षदों ने सीधे तौर पर नगर आय़ुक्त सौरभ गंगवार को अपना निशाना बनाया। पार्षदों ने खुलकर आरोप लगाये कि जब से नगर आयुक्त पद पर सौरभ गंगवार आये हैं मेरठ शहर का विकास व सफाई व्यवस्था पूर्णत ठप हो गयी है। भाजपा पार्षद उत्तम सैनी ने वह कहानी सुना डाली जिसमें एक बंदर को शेर की जगह राजा बना दिया गया था। राजा का हर समस्या पर यही जवाब होता था कि उसके प्रयास में कोई कमी नहीं हैं। वह 18-18 घंटे काम करता है। यहां सौरभ गंगवार का वह फोटो भी लहराया गया जिसमें वह एक ठेकेदार से सर पर हाथ रखवाकर आर्शिवाद लेते नजर आ रहे हैं।
इस कहानी के बाद नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने अपने अधीनस्थों संग सदन बीच में ही छोड़कर चले गये। महापौर हरिकांत अहलूवालिया व भाजपा पार्षदों ने इसे जहां सदन की अवमानना करार दिया है वहीं चौ.चरण सिंह विश्वविद्यालय से सीधे नगर निगम पहुंचे सौरभ गंगवार ने वहां स्टाफ संग बैठक की और इसके बाद कर्मचारी यूनियन ने नगर निगम में तालाबंदी का ऐलान कर दिया। आज के इस प्रकरण को कान्हा उपवन गौशाला की दुर्दशा के बाद हुई छीछालेदर से महापौर व नगर आयुक्त के बीच उपजे विवाद को देखा जा रहा है।

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