तिहरे हत्याकांड का अभियुक्त हाजी इजलाल 15 साल बाद आया बाहर
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तिहरे हत्याकांड का अभियुक्त हाजी इजलाल 15 साल बाद आया बाहर

Feb 24, 2023
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  • मई 2008 में दिया गया था हत्याकांड को अंजाम
  • गुदड़ी में हाजी इजलाल के घर में की गई थी हत्या
  • तीन शव बिनौली गंगनगर के पास डाल दिये थे
  • शिबा सिरोही को लेकर हुआ था यह कांड
  •  2008 से जेल में बंद था हाजी इजलाल
  • हाईकोर्ट के एक आदेश का लाभ मिला इजलाल को
  • करीब पंद्रह साल बाद खुली हवा में ली हाजी से सांस

मेरठ के जनमानस को हिला देने वाले चर्चित तिहरे हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त हाजी इजलाल चौदह साल बाद जमानत पर बाहर आ गया है। इसी मंगलवार को हाईकोर्ट से उसको जमानत मिली है। मेरठ जिला कारागार से आज सुबह बाहर आकर उसने खुले में सांस ली है। थाना कोतवाली क्षेत्र के गुदड़ी बाजार में पुनीत गिरी, सुधीर व सुनील ढाका की एक युवती को लेकर हत्या कर दी गई थी। तीनों की लाश कार से ले जाकर बागपत के बिनौली गंगनहर में डाल दी गई थी। इस सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड ने  मेरठ के जनमानस को झकझोर कर रख दिया था। फांसी की सजा की मांग करने वाले पीड़ित परिवार को हाजी इजलाल के बाहर आने से बड़ा झटका लगा है।

23 मई 2008 को हुए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। इसमें हाजी इजलाल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा चौदह लोग और इस हत्याकांड में शामिल बताये गये थे। हत्याकांड की मुख्य वजह बनी थी शिबा सिरोही। शिबा हाजी इजलाल की प्रेमिका थी और पुनीत गिरी, सुधीर व सुनील ढाका इसका विरोध कर रहे थे। और इसे लेकर ही इस हत्याकांड को बेहद बेरहमी से अंजाम दिया गया था। आरोप है कि तीनों को विक्टोरिया पार्क स्वीमिंग पुल से उठाकर ले जाया गया था और गुदड़ी में उनकी हत्या कर दी गई थी।  हाजी इजलाल व उसके साथियों ने तीनों की लाशें बिनौली गंगनहर के पास ठिकाने लगा दी थी। इसके घटना के बाद मेरठ व बागपत में जनाक्रोश फैल गया था। तभी से मुख्य आरोपी हाजी इजलाल जेल में बंद था। पीड़ित परिवार उसे फांसी की सजा दिलाने के लिये प्रयासरत है।

हाजी इजलाल मेरठ जिला कारागार में जरूर बंद था लेकिन जेल के भीतर उसकी अय्याशी और ऐश ओ आराम में पैसे के बल पर कभी कोई कमी नहीं आई। कुछ समय पूर्व ही हाईकोर्ट का यह आदेश आया था कि 12 साल से अधिक समय से जेल में बंद लोगों को जमानत दी जाये। इसे आधार बनाते हुए ही हाजी इजलाल ने दो माह पूर्व जमानत के लिये हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। बीते मंगलवार को हाईकोर्ट ने इजलाल को जमानत दे दी थी। मृतक सुनील ढाका के भाई अनिल ढाका का कहना है कि वर्ष 2008 से वह लगातार इजलाल और उसके परिवार को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में लड़ रहे हैं। वह इसके खिलाफ कोर्ट में अपील करेंगे। आज सुबह हाजी इजलाल ने जेल से बाहर आकर खुली हवा में सांस लेते हुए लंबी अंगड़ाई ली।

सह अभियुक्तों में परवेज, अफजाल ,मेहराज, इसरार ,कल्लू उर्फ कलुआ उर्फ अब्दुल रहमान ,देवेंद्र आहूजा उर्फ़ मन्नू ड्राइवर, वसीम, बदरुद्दीन ,रिजवान ,शम्मी ,माजिद, इजहार शामिल हैं। इनमें माजिद कि कुछ समय पहले हार्ट अटैक के चलते मौत हो चुकी है।

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