मेरठ में सीएम ग्रिड का करोड़ों रूपया पानी में डूबा, जलभराव से परेशान हुए लोग
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मेरठ में सीएम ग्रिड का करोड़ों रूपया पानी में डूबा, जलभराव से परेशान हुए लोग

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मेरठ: मेरठ को स्मार्ट और हाईटेक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने करोड़ो रुपये की ‘मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट’ यानी सीएम ग्रिड योजना की शुरुआत की थी। दावा था कि शहर की मुख्य सड़कें बेंगलुरु की तरह चकाचक और सुंदर दिखेंगी। लेकिन आज आप मेरठ की उन सड़कों को देख सकते है जहाँ बड़े-बड़े दावे अब मलबे और गड्ढों के नीचे दबे नजर आ रहे हैं। ठेकेदारों की लापरवाही और सुस्त रफ्तार ने शहर के वीआईपी रूट को भी नरक बना दिया है। चिंता की बात यह है कि मेरठ में मानसून ने कदम रख दिया है।

ऐसे में बारिश ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। जहाँ सड़कें पहले से ही खुदी हुई हैं, वहाँ अब गहरा कीचड़ और पानी भरने से लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शास्त्री नगर के सेक्टर 6 के रंगोली रोड में आज भारी बारिश होने के कारण जलभराव हो गया। वहीं साएम ग्रीड योजना के लिए खुदे हुए गढ्ढे भी पानी से लबालब भरे नजर आए। पैदल चलने वाले राहगीर हों या दोपहिया वाहन चालक, इस बदहाल सड़क से गुजरना किसी जंग जीतने से कम नहीं है। इसके अलावा पानी की सही निकासी ना होने के कारण पानी घरों में भी भर गया। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है क्योंकि इस अधूरे निर्माण ने न सिर्फ उनके धंधे चौपट कर दिए हैं, बल्कि हादसों का डर भी बढ़ा दिया है।

नगर निगम के अधिकारियों ने ठेकेदारों की लापरवाही पर नाराजगी तो जताई है और नोटिस जारी करने की बात भी कही है, लेकिन धरातल पर काम अब भी कछुआ चाल से ही रेंग रहा है। सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन को पता था कि मानसून आने वाला है, तो तय समय सीमा के भीतर काम पूरा क्यों नहीं किया गया? करोड़ों की इस योजना का लाभ मिलने से पहले मेरठ की जनता को जो टॉर्चर सहना पड़ रहा है, उसका जिम्मेदार कौन है?