चंपत राय के चालक समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट, तीन गिरफ्तार
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चंपत राय के चालक समेत आठ के खिलाफ रिपोर्ट, तीन गिरफ्तार

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  • राम मंदिर चढ़ावा कांड ने जनमानस को झकझोरा
  • पहले भूमि घोटाले के आरोप, अब चढ़ावा कांड
  • महासचिव चंपत राय को रिपोर्ट से रखा गया दूर
  • एसआईटी ने चंपत राय के खिलाफ भी की है सिराफिश-सूत्र
  • चंपत राय के चालक टिन्नू समेत तीन गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा में चोरी कांड ने सनातन धर्म से जुड़े लोगों को हिला कर रख दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या भ्रष्ट मानसिकता के लोगों ने राम मंदिर को भी नहीं छोड़ा। पहले भूमि खरीद में करोडों के वारे न्यारे और अब यह चढ़ावा चोरी। एसआईटी द्वारा जांच रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद अब  श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने नींद से जागते हुए आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को बाहर रखा गया है जबकि राय के चालक को भी इसमें आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।

इस बीच, आज सुबह आप सांसद संजय सिंह ने एसआईटी से मुलाकात कर स्वयं द्वारा चढ़ावा चोरी करने के लगाये गये आरोपों के बाबत सबूत एसआईटी को दिये।

ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया है। FIR में चंपत राय समेत बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। इससे पहले खबर आई थी कि चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने इसे खारिज कर दिया। चढ़ावा चोरी की जांच के लिए 13 जून को SIT बनाई गई थी। 23 जून को इसने अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी। जिन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है उनमें रामशंकर यादव (टिन्नू), लवकुश मिश्रा,अनुकल्प मिश्रा,अविनाश शुक्ला,मनीष यादव,रमाशंकर मिश्रा,सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय शामिल हैं। पुलिस ने टिन्नू, लवकुश और अनुकल्प को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं।

सूत्रोें का दावा है कि  SIT ने जांच रिपोर्ट में चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना था। इनके खिलाफ FIR होना लगभग तय माना जा रहा था लेकेिन तेजी से बदले घटनाक्रम के बीच आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।  हालांकि SIT को जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां टिन्नू के पास मिलीं थी। SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिह्नित किया था, जिनकी आर्थिक स्थिति में 22 जनवरी, 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद बदलाव आया।

इस बीच, एसआईटी को आप सांसद संजय सिंह ने जमीन घोटाले से जुड़े सबूत दिए। संजय सिंह गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ में SIT के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत के ऑफिस पहुंचे। वे करीब 12 मिनट कमरे में रुके। संजय सिंह ने बाहर आकर कहा- राम मंदिर में जमीन घोटाले के 11 कागजात मैंने एसआईटी को सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि  क-एक कर सब सामने आ रहा है। पैसे की बरामदगी हो चुकी है, चढ़ावे में चोरी के तमाम साक्ष्य मिल चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि फिर भी अब तक कोई जेल क्यों नहीं गया ? किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई ? कोई FIR अब तक क्यों दर्ज नहीं हुई ? यह बेहद हैरान करने वाली बात है।

बता दें कि संजय सिंह ने दावा किया था कि उनके पास अयोध्या में जमीन घोटाले से जुड़े सबूत हैं। इसके बाद SIT के प्रमुख कुमार विश्वास पंत ने उन्हें सबूत के साथ बुलाया था। वहीं आप पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा- राममंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना से दु:खी हूं। कल भगवान राम के दर्शन करने जाऊंगा।

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