सीएम की इस्तीफे की खबर के बीच सुक्खू बोले-बहुमत साबित कर के दिखायेंगे
- राज्यसभा चुनाव नतीजे आते ही राजनीतिक घमासान
- भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशी को मिले थे 34-34 वोट
- मंत्री विक्रमादित्य ने सशर्त दिया पद से इस्तीफा
- स्पीकर ने 15 भाजपा विधायकों को सदन से किया निष्कासित
- निष्कासित विधायकों ने धरना शुरू किया, तबीयत बिगड़ी
- हिमाचल का अगला मुख्यमंत्री कौन, अब इस पर निगाह
राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आते ही हिमाचल प्रदेश की सर्द वादियों में राजनीतिक गरमाहट आ गई है। स्पीकर ने जहां हंगामा करने पर भाजपा के पंद्रह विधायकों को सदन से निष्कासित कर दिया है वहीं मंत्री विक्रमादित्य ने सीएम सुक्खू पर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह भी शर्त रख दी है कि यदि सुक्खू को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाता है तो उनकी कांग्रेस में वापसी संभव है। तेजी से बदलते इस घटनाक्रम के बीच सीएम सुक्खू ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी है। हालांकि बाद में उन्होंने इससे इनकार करते हुए कहा कि वह संघर्ष की राजनीति करते हैं, आगे भी करते हुए बहुमत साबित करेंगे। कुल मिलाकर हिमाचल में राजनीतिक घमासान चरम पर पहुंच गया है।
इससे पूर्व मंगलवार को राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले सभी नौ विधायक विधानसभा पहुंच गए थे। सभी को विधानसभा गेट पर कांग्रेस समर्थकों ने रोकने की कोशिश की लेकिन बाद में उन्हें एंट्री मिल गई। इनमें छह कांग्रेस और तीन निर्दलीय विधायक हैं। सदन में मंत्री चंद्र कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बीच जमकर बहसबाजी हुई। मंत्री ने उन्हें बाहर निकलने को कहा, जिसके बाद अंदर जमकर हंगामा हो गया। जयराम ठाकुर से धक्कामुक्की भी की गई। इसके बाद स्पीकर ने भाजपा के पंद्रह विधायकों को विधानसभा से निष्कासित कर दिया।
निष्कासन का विरोध करते हुए ही विधायकों ने धरना शुरू कर दिया है। उन्हें बाहर निकालने के लिये मार्शल बुलाये गये। हंगामे के बीच नैना देवी से भाजपा के विधायक रणधीर को चक्कर आ गया। वहीं डॉक्टर को बुलाया गया। उधर चंबा भाजपा विधायक डॉ. जनक को मार्शलों ने सदन से उठाकर बाहर कर दिया। ।
मंत्री और विधायकों की नाराजगी के बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कांग्रेस ऑब्जर्रवर से इस्तीफे की पेशकश की है। उनके इस्तीफे पर फैसला अब हाईकमान लेगा। हालांकि इससे पहले यह भी खबर आई थी कि सुक्खू ने इस्तीफा दे दिया है।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ऑब्जर्वर्स भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार राज्यसभा चुनाव में मंगलवार को हुई क्रॉस वोटिंग के बाद हालात संभालने हिमाचल पहुंचे हैं। कुछ विधायकों ने प्रियंका गांधी से फोन पर बात कर सीएम सुक्खू के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। बुधवार को सुबह 11 बजे मंत्री विक्रमादित्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपमानित करने का आरोप लगाकर पद से इस्तीफा दिया था और कहा- गेंद अब आलाकमान के पाले में है।
इस नये घटनाक्रम के बीच डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह मुख्यमंत्री पद के सशक्त दावेदार माने जा रहे हैं। विक्रमादित्य ने कहा, “चुनाव स्वर्गीय पिता वीरभद्र के नाम पर लड़ा गया। चुनाव जीता। उनकी मूर्ति के लिए 2 गज जमीन सरकार नहीं दे पा रही है। सरकार रहे ना रहे, फर्क नहीं पड़ता। अब हम हालात देखकर आने वाले दिनों में फैसला लेंगे।”
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