राहुल गांधी ने सरकारी बंगले को किया खाली, कहा-सच बोलने की कीमत चुकाई
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 12 तुगलक लेन वाला सरकारी बंगला छोड़ दिया। वह अपना काफी सामान 14 अप्रैल को अपनी मां सोनिया गांधी के आधिकारिक बंगले में शिफ्ट कर चुके थे। करीब दो दशक से यहां रह रहे राहुल गांधी ने आज इस बंगले की चाबी भी संबंधित विभाग के अफसर को सौंप दी। इस मौके पर उनके साथ सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी व पार्टी के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस पर कांग्रेस की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है कि राहुल गांधी ने अपना सब कुछ गंवा कर एक तानाशाह के सामने डटकर खड़ा होने का फैसला लिया है।
दरअसल, सूरत की एक अदालत ने 23 मार्च को राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके तुरंत बात ही आननफानन में उनकी लोकसभा सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी। लोकसभा सचिवालय ने उन्हें 22 अप्रैल तक बंगला खाली करने के लिए कहा था। राहुल गांधी ने सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती दी थी, जिसने सजा को रद्द करने की उनकी अपील को खारिज कर दिया। अब सत्र अदालत के आदेश को अगले हफ्ते गुजरात हाईकोर्ट में कांग्रेस चुनौती देगी।
बता दें कि कुछ साल पहले प्रियंका गांधी वाड्रा की भी एसपीजी सुरक्षा हटाने के बाद लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने के लिए कहा गया था। राहुल गांधी पहली बार 2004 में उत्तर प्रदेश के अमेठी से सांसद चुने गए और 2019 में उन्होंने वायनाड से लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की थी।
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