भाजपा ने हिस्ट्रीशीटर को भगाने पर नारायण भदौरिया को किया पदों से मुक्त,तलाश में दबिश
BREAKING उत्तर प्रदेश

भाजपा ने हिस्ट्रीशीटर को भगाने पर नारायण भदौरिया को किया पदों से मुक्त,तलाश में दबिश

Jun 3, 2021
10 Views

 

-कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा कर की पार्टी

-भाजपा नेता की जन्मदिन पार्टी में आया था हिस्ट्रीशीटर

-हिरासत से जबरन छुड़ाकर भगा दिया था कुख्यात को

-पुलिस ने लिप्त लोगों के फोटो जारी किये

-नारायण पर भी गंभीर मामलों में दर्ज हैं मुकदमे

-घटना के मुख्य आरोपी नारायण की तलाश में दबिश

 

कानपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ की अपराधियों से निपटने की नीति से बिल्कुल उलट उत्तर  प्रदेश के कानपुर जिले में भाजपा नेता नारायण भदौरिया की जन्मदिन पार्टी में शामिल हुए हिस्ट्रीशटर मनोज सिंह को पुलिस से छुड़ाकर भगाने का मामला तूल पकड़ चुका है। विपक्ष के इस आरोप पर कि भाजपा खुद अपराधियों को खुला संरक्षण देती है, भाजपा ने नारायण भदौरिया को पार्टी के सभी पदों से हटा दिया है। इस पर पुलिस भी खुलकर मैदान में आ गयी है। नारायण भदौरिया की गिरफ्तारी के लिये बराबर दबिश डाली जा रही हैं। इसके अलावा जिन लोगों का हिस्ट्रीशीटर को भगाने में सहयोग रहा उनकी भी तस्वीर जारी कर दी गई हैं।

पुलिस हिरासत से छुड़ाए जाने के मामले में पुलिस को कई वीडियो मिले हैं। ज़िनमें से सात आरोपियों की पहचान कर ली गई है। बाकी आरोपियों की तस्वीर जारी की गई है। दरअसल, नौबस्ता थाना क्षेत्र के उस्मानपुर में भाजपा दक्षिण जिला मंत्री नारायण सिंह भदौरिया का जन्मदिन एक निजी गेस्ट हाउस में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए मनाया जा रहा था। इसमें तमाम लोगों के अलावा गंभीर धाराओं में वांछित अपराधी मनोज सिंह भी पहुंचा था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने इसे हिरासत में ले लिया। इसकी सूचना जैसे ही नारायण भदौरिया को लगी तो वह अपने सामर्थको के साथ सड़क पर पहुंच गया और पुलिस की जीप को चारों ओर से घेर लिया। नारायण ने पुलिस पर मनोज सिंह को छोड़ने का दबाव बनाया जिसे मानने से पुलिस ने इनकार कर दिया।इस पर नारायण भदौरिया और उनके समर्थकों ने हिस्ट्रीशीटर को जीप से उतारकर भगा दिया। हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, बलात्कार जैसी गंभीर धाराओं में 34 मुकदमे दर्ज हैं। दिलचस्प व गंभीर बात यह भी है कि भाजपा नेता नारायण भदौरिया का भी अपना अपराधिक इतिहास है। उस पर भी धारा 307 व 308 जैसी गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *