- 18 सितम्बर को अंकिता अचानक हो गयी थी गायब
- अगले दिन ही रिसॅार्ट संचालक पुलकित आर्य ने करा दी गुमशुदगी दर्ज
- भाजपा के पूर्व मंत्री विनोद आर्या का बेटा है पुलकित आर्या
- रिसॅार्ट के भेद खुलने के डर से की गई अंकिता की हत्या
- आखिर कौन से भेद खोलने की चेतावनी दे रही थी अंकिता
- रिसॅार्ट में ऐसा क्या हो रहा था, जांच का विषय
ऋषिकेश। गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या रिसॅार्ट के संचालक व उसके दोस्तों ने मिलकर की थी। पुलिस ने भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्या के बेटे पुलकित आर्य समेत तीन लोगों को गिरफ्तार करते हुए इस मामले का खुलासा कर दिया। पुलकित आर्य ने ही अंकिता भंडारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच राजस्व पुलिस चौकी उदयपुर तल्ला से लक्ष्मणझूला पुलिस को ट्रांसफर होते ही यह मामला सुलझकर सामने आ गया।
उधर, ऋषिकेश में अंकिता हत्याकांड के आरोपियों को लेकर कोटद्वार न्यायालय जा रही जीप को गंगा भोगपुर के आक्रोशित लोगों ने रोक लिया। लोगों ने जीप के शीशे तोड़कर आरोपियों के कपड़े फाड़ दिए और उनकी पिटाई कर दी। भीड़ ने गाड़ी को पलटने की भी कोशिश की। पुलिस को हलका बल प्रयोग कर भीड़ को काबू में करना पड़ा।
दरअसल, पौड़ी जनपद के यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत राजस्व क्षेत्र गंगाभोगपुर स्थित वनंतरा रिसॉर्ट में श्रीकोट गांव, पट्टी नांदलस्यूं, जनपद पौड़ी गढ़वाल निवासी अंकिता भण्डारी 19 पुत्री वीरेंद्र सिंह भण्डारी बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करती थी। बीती 18 सितंबर को वह लापता हो गई। 19 सितंबर को रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस को तहरीर दी। राजस्व पुलिस चौकी उदयपुर तल्ला में गुमशुदगी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया। मामला तूल पकडे जाने पर डीएम पौड़ी ने बीती 22 सितम्बर को यह मामला लक्ष्मणझूला पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
इसके एक दिन बाद ही पुलिस ने इस हत्या कांड का खुलासा कर दिया। आज यानी शुक्रवार को अपर पुलिस अधीक्षक पौड़ी शेखर सुयाल ने लक्ष्मणझूला थाने में पत्रकारों को बताया कि 18 सितंबर की रात्रि को ही लापता रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था।
गंभीर पहलू यह है कि मुख्य आरोपित भाजपा नेता का बेटा पुलकित आर्य व उसके दोनों अन्य सहयोगी पहले दिन से ही पुलिस को बराबर गुमराह करने की कोशिश में लगे थे। धारा 302, 201 व 120 बी के आरोप में गिरफ्तार होने वालों में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, निवासी आर्यनगर, हरिद्वार, प्रबंधक सौरभ भास्कर निवासी सूरजनगर, थाना ज्वालापुर,हरिद्वार और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता निवासी 42 ए दयानंदनगरी,ज्वालापुर, हरिद्वार शामिल हैं। पुलिस के अनुसार 18 सितंबर रात्रि रिसॉर्ट में पुलकित और अंकिता के बीच विवाद हो गया था। जिस पर पुलकित, अंकित और सौरभ दो दुपहिया वाहनों पर बैठकर उसे मनाने के लिये ऋषिकेश लेकर आने लगे। बैराज चौकी से करीब सवा किलोमीटर पहले तीनों चीला नहर के किनारे बैठकर शराब पीने लगे।
बकौल पुलिस इस बीच फिर अंकिता और पुलकित के बीच विवाद होने लगा। अंकिता ने रिसॉर्ट का भेद खोलने की धमकी दी जिस पर पुलकित ने अंकिता का मोबाइल नहर में फेंक दिया। दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। जिस पर तीनों ने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। नहर में गिरने के बाद वह दो बार तेज बहाव में ऊपर आकर चिल्लाई और कुछ देर बाद बह गई।
एएसपी पौड़ी शेखर सुयाल ने बताया कि इस मामले में हत्या का मामला दर्ज करते हुए लक्ष्मणझूला पुलिस ने एक टीम चीला नहर क्षेत्र में भेजी है। एसडीआरएफ की टीम चीला शक्तिनहर में शव की तलाश में रेस्क्यू कर रही है। जरूरत पड़ी तो चीला नहर को कुछ समय के लिये बंद भी करवाया जायेगा।