10 हजार कैंडल्स से बनाई गई भीमराव आंबेडकर की ये आकृति
- 10हजार कैंडल्स से बनाई अंबेडकर की आकृति
- मेरठ में 3 घंटे में 20 लोगों ने तैयार की आकृति
- 40x 50 फिट की बनाई अंबेडकर की आकृति
- 30 हजार का खर्च केवल मोमबत्ती का आया
- कुछ अलग करने के लिए बनाया ये चित्र
मेरठ के युवाओं ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की 10हजार मोमबत्तियों से कैंडल आकृति बनाकर उनको श्रृद्धांजलि दी है। इस आकृति को 20 से अधिक युवाओं ने 3 घंटे में बनाकर तैयार किया। इस आकृति को बनाने में 30हजार रुपये का खर्च केवल कैंडल्स पर आया है। युवा इस कैंडल आकृति को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल कराने की तैयारी में हैं।
भीमराव आंबेडकर के 67वें महापरिनिर्वाण दिवस पर मेरठ में यह आयोजन हुआ। आयोजन डॉo अम्बेडकर पार्क , शेरगढ़ी में किया गया। यहां युवाओं ने बाबा भीमराव अम्बेडकर का 40x 50 फिट का 10,000 केंडल से विशाल आकृति बनाकर उनको श्रद्धांजलि दी। आकृति में भीमराव अंबेडकर का सिर्फ चेहरा ही बनाया गया। इस चेहरे को पहले जमीन पर ड्रॉ किया गया। फिर इस ड्राइंग पर युवाओं ने कैंडल्स सजाकर उन्हें रोशन किया। इस पूरे आयोजन की ड्रोन फोटोग्राफी भी कराई है।
इस आकृति को असिस्टेंट प्रोफेसर , युवा आर्टिस्ट ओमपाल सिंह के गाइडेंस में तैयार किया गया। साथ ही युवाओं की पूरी टोली ने इस आकृति को तैयार किया। आकृति को बनाने में पूरे 3 घंटे लगे। 30 हजार रुपया केवल कैंडल्स पर खर्च हुआ है। इस आयोजन में हस्तिनापुर से पूर्व विधायक योगेश वर्मा के साथ प्रोफेसर सतीश कुमार , अग्नि शरद , प्रमोद कुमार ने भी सहयोग दिया।
आकृति बनाने वाली टीम के मेंबर्स का कहना है कि वो 3 महीने से इसकी योजना बना रहे थे।इस बार बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस पर कुछ हटकर करेंगे। इसलिए उन्होंने इंटरनेट पर तमाम आइडिया सर्च किए। उसमें कैंडल्स पेंटिंग का आइडिया पसंद आया। फिर इस पेंटिंग का रिकार्ड चैक किया। तो यूपी में अभी तक बाबा साहेब की इतनी बड़ी कैंडल आकृति कहीं नहीं बनी है। इसलिए इस साइज को सिलेक्ट कर इस आकृति को बनाना फाइनल किया।युवाओं का दावा है कि यह पूरे यूपी में बाबा साहेब का फर्स्ट बिगेस्ट पोट्रेट है।
https://youtu.be/MhPciktDyDk