48 घंटे बाद भी सील तोड़ने वाले दुकानदार पर कार्रवाई नहीं
- सरधना नगर पालिका द्वारा निर्मित दुकानों का मामला
- अनुबंध के मुताबिक दुकान बेची या किराये पर नहीं दी जा सकती
- नया अनुबंध न करने पर दुकानें की गई थी सील
- शुभम ने ताला तोड़कर एक दुकान खोली
- पवन के नाम आवंटित है यह दुकान
सरधना। नगर पालिका द्वारा निर्मित दुकाने अब पालिका के लिये ही परेशानी का सबब बन गई हैं। अनुबंध को दरकिनार कर दूसरे को दुकान देने के आरोप में लगाई गई सील को दुकानदार ने तोड़कर एक तरफ फेंक दिया। आरोप है कि नगर पालिका की टीम इसका विरोध करने पहुंची तो उनके साथ मारपीट की कोशिश की गई। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी ने इस आशय की तहरीर सरधना थाने को दी लेकिन चौबीस घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। इस पर नगर पालिका को ठेंगा दिखाने वाले दुकानदार के हौंसले बढ़ गये हैं। अधिशासी अधिकारी का कहना है कि यदि उनके पत्र पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की जायेगी।
करीब एक दशक पूर्व नगर पालिका ने सरधना में दस दुकानों का निर्माण कर आवंटन किया था। शर्त के मुताबिक हर माह पांच सौ रुपये किराये की राशि नगर पालिका में जमा करानी थी। साथ ही दुकान को किसी अन्य को न बेचने अथवा कब्जा न देने की हिदायत भी शर्तों में की गई थी। साफ कहा गया है कि ये दुकान किसी अन्य को किराये पर भी नहीं दी जा सकती। बावजूद इसके कुछ लोगों ने इसका उल्लंघन कर दिया है। अनुबंध नए सिरे से कराने के लिये कहा गया लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इस पर बीते दिनों नगर पालिका ने सभी दुकानों को नया अनुबंध न करने पर सील कर दिया था।

आरोप है कि बीती 15 मार्च को पवन कुमार पुत्र सतपाल निवासी ग्राम अटेरना को आवंटित दुकान संख्या 16 पर लगी सील को तोड़ कर दुकान खोल लिया गया। इसकी जानकारी होने पर पालिका कर्मी सोहनवीर, मनीश कुमार, विजय सोम, हरपाल, विनोद कुमार यादव, ब्रजपाल, आदि पहुंचे तो मौके पर मौजूद ग्राम झिटकरी निवासी शुभम ने दुकान की सील तोड़ना स्वीकार करते हुए धमकी दी कि वह आगे भी इसी तरह दुकान खोलेगा। सरधना थाने को दिये गये पत्र में अधिशासी अधिकारी की तरह से कहा गया है कि इस पर शुभम ने टीम के साथ न सिर्फ अभद्रता की बल्कि उनसे मारपीट करने की भी कोशिश की।अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी का कहना है कि सील तोड़ने व इस तरह से अभद्रता करने से बाकी दुकानदारों के हौंसले भी बुलंद हो गये हैं। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति होने की आशंका है। दरअसल, पालिका ने यह दुकान पवन को आवंटित की है लेकिन अब यहां शुभम काबिज है।
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी द्वारा लिखे गये पत्र को 48 घंटे बाद भी सरधना पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया है। अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं किया है। इस बारे में फर्स्ट बाइट को अधिशासी अधिकारी शशि प्रभा चौधरी ने बताया कि यदि आरोपी दुकानदारों के खिलाफ पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया तो वह उच्च अधिकारियों को इससे अवगत करायेंगी।
उधर, सरधना थाना प्रभारी रमाकांत पचौरी का कहना है कि जिस दुकानदार द्वारा दुकान की सील तोड़ी गई है और पालिका टीम के साथ अभ्रदता की गई है उन दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उसके बाद आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।
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