मेरठ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में इन विशेष मुद्दों पर हुई चर्चा
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मेरठ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में इन विशेष मुद्दों पर हुई चर्चा

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महापौर सुनीता वर्मा और नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक, कई विभिन्न मामलों में नगर निगम की आय बढ़ाने पर लिया गया विचार, नगर निगम की तरफ से होने वाले खर्चों का ब्यौरा नहीं दे पाए अधिकारी

आखिरकार आठ माह बाद शुक्रवार को नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक तिलक हाल में महापौर सुनीता वर्मा की अध्यक्षता में सुबह 11.30 बजे शुरू हुई। दिसंबर में नगर निगम के चुनाव होने की संभावना को देखते हुए यह बैठक कार्यकारिणी सदस्यों व पार्षदों के लिए बहुत अहम रही। बैठक में नगर निगम ने आय बढ़ाने वाला एजेंडा तैयार किया गया। इस दौरान कई अन्‍य प्रस्‍तावों पर भी चर्चा हुई। निगम की आय बढ़ाने और सभी वार्डो में काम हो इस पर सभी पार्षदों ने जोर दिया। पार्षद राजेश रूहेला ने कहा कि निगम की सरकारी जमीनों पर धड़ल्ले से अतिक्रमण हो रहे है, लेकिन इस बारे में अधिकारी कुछ नहीं करते। इस पर जब पार्षदों ने संपत्ति विभाग से कितनी जमीन कब्जा मुक्त कराई है और कितनी जमीन पर कब्जा हुआ है। इसके बारे में पूछा तो अधिकारी कुछ जवाब नहीं दे पाए। जिसके बाद नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा ने निगम अधिकारियों को तुरंत इस मामले का ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए।

वहीं, पार्षद ललित नागदेव ने पिटबुल कुत्ते के हमले की घटनाओं को देखते हुए पालतू कुत्तों के लाइसेंस शुल्क निर्धारित करने के साथ कुत्ता पालने की नियमों को सख्ती से लागू करने की बात कही। इसके अलावा पार्षद अब्दुल गफ्फार ने शहर में खराब पड़े हेडपंप और सीवर लाइनों को ठीक नाक करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नगर निगम के जलकल विभाग में बजट होने के बावजूद शहर घर में 7 लाइनों का बुरा हाल है, जबकि हैंडपंप खस्ताहाल बने हुए हैं। वहीं, पार्षद सुनीता प्रजापति ने खस्ताहाल सड़कों को पिछले 6 महीने से भी ठीक ना कराने पर निगम अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने कहा कि पार्षदों द्वारा काम कराने की फाइलें नगर निगम के अलमारियों में दबकर रह जाती है, जबकि उनमें कई कई सालों तक काम नहीं किया जाता। उन्होंने बताया कि काम ना होने से जनता उनसे जवाब मांगती है, जबकि निगम अधिकारी उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं करते।

इन प्रस्तावों पर भी हुई चर्चा..

– ट्रेड लाइसेंस की संशोधित दरें लागू करने, जिसमें होटल, क्लीनिक से लेकर करीब 39 प्रकार के ट्रेड लाइसेंस शुल्क में दो हजार से लेकर तीन हजार तक की वृद्धि प्रस्तावित करने।

– पालतू कुत्तों का वार्षिक रजिस्ट्रेशन शुल्क, पशु क्लीनिक व डाग क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन शुल्क व पालतू कुत्तों के लिए नई नियमावली बनाने

– घरेलू कनेक्शन पर जल मूल्य की दरों में वृद्धि

– शो टैक्स की निर्धारित दरों में वृद्धि

– संकरी गलियों से कूड़ा कलेक्शन करने के लिए 300 रिक्शा ठेला खरीदने

-शहीद स्मारक में लाइट एंड साउंड शो का संचालित करने पर आने वाले खर्च

– बाजार दर पर निगम की दुकानों का किराया निर्धारित करने

-कार्यकारिणी में ट्रेड लाइसेंस में वृद्धि का प्रस्ताव

– आउट सोर्स सफाई कर्मचारियों के मानदेय 16500 करने का प्रस्ताव पास

-हेल्थ मैनुअल के अनुसार आउटसोर्स सफाई कर्मी भर्ती करने का प्रस्ताव पास

-सफाई कर्मियों 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा और 25 लाख का जीवन बीमा पास

-पालतू कुत्तों का वार्षिक रजिस्ट्रेशन शुल्क का प्रस्ताव पास

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