मीडिया के पास भरपूर मौक़ा है अपनी निष्पक्षता दिखाने का
1.मीडिया पूछ सकती है कि बिना ED कोर्ट का बेल ऑर्डर पढ़े भी, माननीय हाई कोर्ट ने उसपर रोक कैसे लगा दी? 2.मीडिया CBI से भी पूछ सकती है कि 2 साल की जाँच के बाद भी उनको झूठी कहानियाँ क्यों प्लांट करनी पड़ रही हैं? 3.मीडिया भाजपा से पूछ सकती है कि क़ानूनों में ऐसे संशोधन क्यों किए की जिन लोगों से भाजपा ने रिश्वत खाई उन्हीं के बयान पर अरविंद केजरीवाल जी को जेल में रखा जा सकता है? जेल में रखना क्यों है?

