- कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी पर भाजपा हमलावर
- अधीर रंजन ने राष्ट्रपति को बोला था राष्ट्रपत्नी
- अधीर ने तभी मांफी भी मांग ली थी, व्यक्तिगत रूप से भी मांगेंगे माफी
- भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया, जमकर सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा
- शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक के लिये लोकसभा स्थगित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर की गयी टिप्पणी को लेकर संसद का मानसून सत्र आज सुबह भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। मंहगाई व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने भाजपा को घेरने की कोशिश की तो जवाब में भाजपा ने कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी के उस बयान को लेकर जमकर निशाना साध रही है जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नी बोल दिया था। हालांकि अधीर रंजन चौधरी इसके लिये माफी भी मांग चुके हैं लेकिन हंगामा जारी है। कांग्रेस की तरफ से कहा गया है कि माफी मांगे जाने के बावजूद भाजपा इसकी आड़ में अन्य मुद्दों से ध्यान हटाना चाह रही है। इस हंगामे के चलते लोकसभा को दोपहर 12 बजे तक के लिये स्थगित कर दिया गया।
संसद सत्र के दौरान नारेबाजी और वेल में जाने को लेकर कई सांसदों को निलंबित किया गया है। जिसके बाद संसद परिसर में निलंबित सांसद 50 घंटे के धरने पर बैठ गए हैं। बता दें कि मानसून सत्र के दौरान अभद्र व्यवहार के लिए 23 राज्यसभा सांसदों और 4 लोकसभा सांसदों सहित कुल 27 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने अधीर रंजन चौधरी को 3 अगस्त 11.30 बजे पेश होने को कहा है, आयोग ने सोनिया गांधी से भी कहा है कि इस मामले में अधीर रंजन चौधरी के खिलाफ उचित कार्रवाई करें।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि अधीर रंजन चौधरी का नाम है अधीर, लेकिन उनका दिमाग हो गया है बधीर। वह अपना दिमाग इसी तरह चलाते हैं जिससे पूरे देश का अपमान होता है। राष्ट्रपति पद व राष्ट्रपति महिला का उन्होंने अपमान किया है। उन्हें अपना पद छोड़ना चाहिए। वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ये सरासर भाजपा की गलती है, अधीर रंजन चौधरी ने माफी मांग ली है। अधीर रंजन बंगाली हैं और उन्हें बोलने में थोड़ी दिक्कत होती है। इसके बावजूद भाजपा हंगामा कर रही हैं, ये शर्म की बात है, भाजपा सोनिया गांधी को इसमें घसीट रही है, जो गलत है।