- पूर्व सीएम विजय रूपाणी समेत 242 की मौत
- अपनी बेटी व पत्नी से मिलने जा रहे थे रुपाणी
- ब्लैक बाक्स ही खोलेगा हादसे के कारणों की परत
- टेक ऑफ और लैंडिंग के दौरान ही सबसे ज्यादा हादसे
- नौ हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके
- बोइंग की सुरक्षा पर एक बार फिर उठे सवाल
- परिजनों के डीएनए से होगी मृतकों की पहचान
- जलने के कारण मारे गये लोगों की शिनाख्त नहीं
- एक यात्री रमेश विश्वास कुमार के जीवित होने की सूचना
अहमदाबाद से लंदन जा रहे एयर इंडिया के विमान में सवार सभी 242 लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी शामिल थे। मारे गये लोगों की पहचान के लिये उनके रिश्तेदारों के डीएनए लिये जायेंगे। यह पहला मामला नहीं है जब बोइंग के विमान क्रैश हुए हैं। इससे पहले भी कई बोइंग विमान क्रैश हो चुके हैं। एयर इंडिया का इतिहास भी काफी कुछ कहने वाला है। इन हादसों ने एक बार फिर से बोइंग विमान की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिये हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान ही सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। एविएशन सेफ्टी के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में दुनिया भर में 109 विमान हादसे हुए, जिनमें से 37 टेकऑफ के दौरान हुए थे।

आपको याद दिला दें कि साल 2024 में साउथ कोरिया में बोइंग का विमान क्रैश हुआ था, जिसमें लगभग 180 लोगों की जान चली गई थी। इसमें बोइंग का 737-800 एयरक्राफ्ट शामिल था, जो 737 मैक्स का एक नया वर्जन है। बीते वर्ष जनवरी में उड़ान के दौरान एक 737 मैक्स के दरवाजे का प्लग उड़ गया था। इसके अलावा, 2018 और 2019 में भी Boeing 737 Max का विमान क्रैश हुआ था, जिनमें लायन एयर फ्लाइट 610 और इथियोपियन एयरलाइंस फ्लाइट 302 शामिल थीं, जिसके कारण बोइंग के इस विमान को रोकना पड़ा था और कंपनी को 30 अरब डॉलर तक का नुकसान हुआ था। 2018 और 2019 की दुर्घटना के दौरान 189 और 157 लोगों की जान गई थी. हालांकि अभी यह Boeing 737- 800 से परिचालन में है।

जहां तक बात एयर इंडिया की है तो एयर इंडिया की स्थापना 1932 में टाटा एयरलाइंस के रूप में हुई थी। 1946 में इसका नाम बदलकर एयर इंडिया किया गया था। टाटा ने इस एयरलाइंस को 2021 में खरीद लिया, जिसके बाद टाटा ग्रुप ही इसे संचालित कर रहा है। अहमदाबाद में हुए हादसे में Boeing का 787 ड्रीमलाइनर शामिल था। अब एक नजर कब कब एयर इंडिया के विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए।
3 नवंबर 1950 को एयर इंडिया का विमान खराब मौसम और नेविगेशन में गड़बड़ी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान मुंबई से लंदन जा रहा था। इस हादसे में 48 लोग मारे गये थे।
इसी क्रम में 24 जनवरी 1966 को मुंबई से लंदन जा रहा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस प्लेन में भारत के परमाणु वैज्ञानिक डा.होमी जहांगीर भाभा भी सवार थे। इस हादसे को हालांकि साजिश की संज्ञा भी दी गई है। इसमें सवार सभी 117 यात्री चालक दल समेत मारे गये थे।
एक जनवरी 1978 में एअर इंडिया विमान का हादसा मुंबई तट से तीन किलोमीटर दूर अरब सागर में हुआ था। टेकआफ के दो मिनट बाद यह अरब सागर में समा गया। इसमें सवार 213 लोग मारे गये। यह विमान मुंबई से दुबई जा रहा था। इसके अलावा 21 जून को 1982 को एअर इंडिया का विमान भारी बारिश के चलते रनवे से फिसल गया। इसमें 17 लोग मारे गये जबकि इसमें 111 लोग सवार थे।
23 जून 1985 में हुआ कनिष्क बम विस्फोट तो सभी को याद होगा। इसमें सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गयी थी। दरअसल, यह हादसा आंतकवादी हमले का कारण हुआ। जांच में सिख उग्रवादी संगठन बब्बर खालसा को जिम्मेदार ठहराया गया था। यह उड़ान टोरंटो से लंदन, फिर दिल्ली और मुंबई जा रही थी। यह कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला और एयर इंडिया का सबसे बड़ा हादसा था।
इसके अलावा 22 मई 2010 को दुबई से मंगलौर आ रही एयर इंडिया की फ्लांट रनवे से आगे निकल कर पहाड़ी से जा टकराई थी। इससे विमान में आग लग गई। इसमें 158 यात्री मारे गये। इसी क्रम में सात अगस्त 2020 को एयर इंडिया का बोइंग 737-800 विमान दुबई से कोझिकोड़ आते हुए रनवे से फिसल गया और विमान घाटी में गिर कर दो टुकड़ों में बंट गया। इसमें सवार लोगों में से 21 की मौत हो गयी थी।
दरअसल, बोइंग के विमान लगातार क्रैश होने के बाद बोइंग 737 मैक्स की जांच की गई तो इसमें MCAS से जुड़ी एक समस्या सामने आई। इस सिस्टम ने मैनुअली लैंडिंग पर निर्भरता कम कर दी थी, लेकिन पायलटों को इसके बारे में ज्यादा ब्रीफिंग नहीं की गई थी। आलम ये हुआ कि 2018 और 2019 में 346 यात्री और क्रू मेंबर्स की जान चली गई. इस हादसे के बाद इस विमान का संचालन रोक दिया गया था. बाद में इसे अपडेट करके Boeing 737-800 के नाम से परिचालन में लाया गया। अहमदाबाद में Boeing का 787 ड्रीमलाइनर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। इसकी पहले कभी क्रैश होने की कोई कहानी नहीं रही है। ब्लैक बॉक्स मिलने के बाद ही अहमदाबाद हादसे का खुलासा हो सकेगा।
आपको यह भी बता दें कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बोइंग विमान दुनिया भर में लगभग 6,000 दुर्घटनाओं और घटनाओं में शामिल रहे हैं, जिनमें से 415 घातक थीं और 9,000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है।
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