- राहुल भट्ट हत्याकांड की जांच को एसआईटी गठित
- एलजी बोले- आतंकियों की इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी
- राहुल की पत्नी को नौकरी व सहायता देने का वादा
- हत्याकांड के खिलाफ कश्मीरी पंडितों में उबाल
- प्रदर्शनकारियों ने भाजपा हाय हाय के लगाये नारे
दो दशक से ज्यादा समय हो गया लेकिन जम्मू कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने का क्रम जारी है। चडूरा शहर में तहसील कार्यालय में घुसकर राहुल भट्ट को गोली से उड़ा देने की घटना के बाद कश्मीरी पंडितों में उबाल आ गया। आज कश्मीर में जगह जगह विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों के बीच भाजपा हाय हाय के नारे भी सुनाई दिये। इस दौरान कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की विलाप करती पत्नी को यह कहते हुए भी सुना गया कि मैने बोला था नौकरी छोड़ दो, गोली लगने से दस मिनट पहले ही उनकी राहुल भट्ट से बात हुई थी। इस बीच, इस मामले की जांच के लिये एसआईटी का गठन कर दिया गया है।
एलजी ऑफिस ने ट्वीट करके कहा है कि आतंकी हमले के सभी पहलुओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्णय लिया गया है। संबंधित थाने के SHO को भी मामले में अटैच किया गया है। उपराज्यपाल के ऑफिस के बयान के मुताबिक जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने आतंकियों के हमले में मारे गए राहुल भट की पत्नी को सरकारी नौकरी और परिवार को वित्तीय सहायता देने का वादा किया है। राहुल भट की बेटी की पढ़ाई का खर्च सरकार उठाएगी।
बता दें कि आतंकवादियों ने चडूरा शहर में तहसील कार्यालय के भीतर घुस कर राहुल भट को गोली मार दी थी। भट को प्रवासियों के लिए विशेष नियोजन पैकेज के तहत 2010-11 में क्लर्क के तौर पर सरकारी नौकरी मिली थी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार को कश्मीरी पंडित समुदाय के सरकारी कर्मचारी राहुल भट के परिजनों से मिले और उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिलाया। सिन्हा ने कहा कि आतंकवादियों और उनके समर्थकों को इस जघन्य कृत्य के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी होगी। उपराज्यपाल ने भट की हत्या के खिलाफ घाटी में जारी कश्मीरी पंडितों के प्रदर्शन के बीच उनके परिजनों से मुलाकात की।