इससे तो बेहतर होगा कि मैं जहर का इंजेक्शन लगा कर मर जाऊं…मुझे पिछले एक महीने से आपने मैंटली टार्चर कर रखा है। …मेरी वीडियो बनाकर क्या साबित करना चाह रही हो आप। यह लो मैं अपनी चुन्नी से ही अपना गला घोट लेती हूं.। साथियों ने किसी तरह उसे रोका। यह मर्म किसी आम आदमी का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की जाबांज पुलिस की एक महिला दरोगा का है। रोते बिलखते और भीषण गर्मी के कारण बेहाल महिला दरोगा ने मेंटली टार्चर जैसे ये गंभीर आऱोप लगाये हैं मेरठ महिला थाने की प्रभारी संध्या सिंह पर। बता दें कि महिला थाना हमेशा से ही विवादों के घेरे में रहा है। संध्या सिंह लंबे समय से महिला थाने की प्रभारी हैं । पुलिस का यह तमाशा आज दोपहर मेरठ के बिजली बंबा बाईपास स्थित पुलिस चौकी पर हुआ। जिसने देखा वह रूक गया। देख रहा था कि उत्पीड़न सिर्फ उनका ही नहीं होता, पुलिस विभाग में कार्यरत लोगों का भी होता है। बताया गया है कि महिला थाने में तैनात महिला दरोगा अलका चौधरी ड्यूटी के लिये जा रही थी कि पुलिस चौकी के निकट स्कूटी से गिरते गिरते बची। दरोगा को चक्कर आ रहे थे। यहां अलका ने रोते हुए अपने किसी परिचित को फोन किया। इस दौरान महिला दरोगा को यह कहते सुना गया कि इससे बेहतर होगा कि वह जहर का इंजेक्शन लगा कर मर जाये । सूचना पाकर वहां महिला थाना प्रभारी संध्या सिंंह भी पहुंच गयी लेकिन थाना प्रभारी ने अपनी दरोगा की तबीयत पूछना गंवारा नहीं किया। गाड़ी में ही बैठकर थाना प्रभारी ने जब महिला दरोगा की वीडियो बनानी शुरू की तो दरोगा ने अपनी चुन्नी गले में यह डाल कर फंदा लगा लिया कि वह अपना गला घोट रही है । इस बारे में महिला थाना प्रभारी संध्या सिंह ने बताया कि अलका चौधरी ड्यूटी पर जा रही थी, उनकी तबीयत खराब थी, रास्ते में चक्कर आया है, बाकी इस घटना की संपूर्ण जानकारी वरिष्ठ अफसरों को दे दी गई है। उनसे मालूम किया जा सकता है ।।
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