- श्रीनगर में हुआ पुलिस की बस पर आतंकी हमला
- कानून व्यवस्था में लगाया जाता है इस बल को
- शस्त्र के नाम पर इनके पास होते हैं डंडे
- शाफ्ट टारगेट पाते हुए आंतकियों ने बरसाई गोलियां
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में जिन पुलिस कर्मियों को आतंकवादियों ने अपना निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की वे सभी निहत्थे थे। इतना ही नहीं आतंकवाद से प्रभावित प्रदेश में ये पुलिस कर्मी जिस बस में सवार थे वह बुलेट प्रुफ भी नहीं थी। लाठी डंडे हाथ में होने के कारण ये जवान आतकियों का मुंह तोड़ जवाब नहीं दे पाये थे। इस हमले में दम तोड़ने वाले जवानों की संख्या दो से बढ़कर तीन हो गयी है। इस हमले की जिम्मेदारी कश्मीर टाइगर्स नामक संगठन ने ली है।
सोमवार को जिस वक्त देश काशी विश्वनाथ मंदिर कारीडोर के शुभारंभ का जश्न मना रहा था आतंकी देश के जवानों पर गोलियां बरसा रहे थे। जानकारी में सामने आया है कि जम्मू कश्मीर के इस बल को अमूमन कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिये तैनात किया जाता है। इन लोगों के पास शस्त्र के नाम पर सिर्फ लाठी डंडे व ढाल होती है। सुरक्षा के नाम पर एक शस्त्र जवान बस में सवार होता है। बस का बुलेट प्रुप न होना व पुलिस बल के पास शस्त्र न होने पर इसे शाफ्ट टारगेट पाते हुए आतंकियों ने निशाना बनाया। ये जवान अपने ड्यूटी पूरी कर मुख्यालय लौट रहे थे। तभी तीन बाइक सवार आतंकियों ने इन पर हमला बोल दिया।