पूरी दुनिया कोरोना महामारी के आगे अपने आप को असहाय महसूस कर रही है. लोग अपने-अपने स्तर पर कोरोना से लड़ने की कोशिश कर रहे हैं. अहमदाबाद में ऐसी ही एक कहानी सामने आई है, एक बुजुर्ग जिनका नाम देवेन्द्र परमार है पिछले दिनों कोरोना संक्रमित हो गए थे. पूरे 113 दिनों तक कोरोना से लड़ाई लड़ने के बाद देवेन्द्र अब सकुशल घर लौट आए हैं । दिलचस्प बात ये है कि 113 दिनों तक अस्पताल में रहने वाले देवेन्द्र परमार 93 दिनों तक ICU में भर्ती थे, जहां उन्हें हर रोज करीब 75 लीटर ऑक्सीजन की जरूरत रहती थी । 113 दिन तक कोरोना से लड़ने के बाद कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें आज अहमदाबाद के सिविल अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. अस्पताल से छुट्टी मिलते वक्त देवेन्द्र की पत्नी ने कहा, “सरकारी अस्पताल से ठीक हो जाने के बाद अब मैं अपने पति को घर लेकर जा रही हूं. अगर इसी चीज का इलाज प्राइवेट अस्पताल में होता तो लाखों रुपए खर्च करने पड़ते. उसके भी बाद मेरे पति ठीक होते या नहीं होते, इसका भी पता नहीं.”आज जब देवेन्द्र परमार को अस्पताल से छुट्टी दी गई तो खुद राज्य के उपमुख्यमंत्री और आरोग्य मंत्री नितिन पटेल वहां मौजूद रहे. इस मौके पर नितिन पटेल ने कहा, ”100 दिनों के बाद कोरोना के मरीज ठीक हो कर अपने घर जा रहे हैं तो ये एक मेडिकल सक्सेस ही कही जाएगी.”देवेन्द्र परमार अगस्त महीने में कोरोना संक्रमित हुए थे, कोरोना की वजह से उनके फेफड़े बहुत कम काम कर रहे थे, उनकी हालत ऐसी हो गई थी कि उन्हें ICU में रखा गया. जहां उन्हें हर रोज 75 लीटर ऑक्सीजन दी जाती थी, जोकि कोरोना संक्रमितों के हिसाब से काफी ज्यादा है. बावजूद इसके देवेन्द्र परमार ने हार नहीं मानी और आज वे ठीक होकर घर लौट गए ।।
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस नेता भरत सिंह सोलंकी भी 102 दिन अस्पताल में रह कर कोरोना को मात देकर अपने घर लौटे थे.


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