गंगानगर में किसानों से जबरन जमीन खाली कराई गई
- प्राधिकरण ने पुलिस के बल पर पाया कब्जा
- जमीन डॅा.नीरज कंबोज व डा.विनोद अरोड़ा ने खरीदी है
- मेडा 30 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से दे रहा मुआवजा
- मौजूदा कीमत साठ हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर
- विरोध करने वाले किसानों को हिरासत में लिया गया
अब्दुल्लापुर के निकट बीएनजी के पास 22 बीघा जमीन को आज मेरठ विकास प्राधिकरण ने पुलिस के डंडे के बल पर कब्जा मुक्त कर दिया। इस जमीन पर किसान अपना डेरा लगाये पिछले कुछ समय से बैठे हुए थे। किसानों ने विरोध करने की कोशिश की तो पुलिस ने करीब छह लोगों को हिरासत में ले लिया। इन किसानों का कहना है कि प्राधिकरण उन्हें 30 रुपए वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा दे रहा है जबकि इस जमीन की कीमत करीब साठ हजार रुपये वर्ग मीटर से कम नहीं है।
वहीं प्राधिकरण ने इस जमीन को जिसे बेचा है डा.नीरज कंबोज का कहना है कि इसके खिलाफ किसान हाईकोर्ट से स्टे ले आये थे लेकिन अब यह स्टे भी खारिज हो चुका है।
प्राधिकरण कोर्ट के आदेश का पालन कर उन्हें जमीन दिला रहा है।

